शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि इन दवाओं के प्रयोग से वायरस पर काबू पाया जा सकता है। वायरस से फेफड़ों को जो नुकसान हो रहा है उसे रोका जा सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन बीमारियों की दवा से वायरस को फेफडे़ की बाहरी सतह में जाने से रोका जा सकता है।
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